छत्तीसगढ़
ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने सांसद बृजमोहन अग्रवाल की मांग
Shantanu Roy
20 July 2026 7:48 PM IST

x
छग
Raipur/New Delhi. रायपुर/नई दिल्ली। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में एक महत्वपूर्ण मांग उठाई है। उन्होंने देश में ‘भारत चिकित्सा सेवा आयोग’ (Indian Medical Service Commission) के गठन की मांग करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए स्थायी और प्रभावी व्यवस्था की जरूरत है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने सोमवार को लोकसभा में नियम 377 के तहत ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े विषय को उठाया। उन्होंने कहा कि गांवों में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी केवल प्रशासनिक समस्या नहीं है, बल्कि यह करोड़ों लोगों के स्वास्थ्य और जीवन से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण भारत को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर एक समर्पित चिकित्सा सेवा कैडर की आवश्यकता है।
लोकसभा में अपने वक्तव्य के दौरान सांसद ने कहा कि देश के करीब 6.4 लाख गांवों में रहने वाली बड़ी आबादी आज भी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से पूरी तरह लाभान्वित नहीं हो पा रही है। उन्होंने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ, स्त्री रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद लंबे समय से खाली हैं। इसके कारण ग्रामीण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और उन्हें बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता है। बृजमोहन अग्रवाल ने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के लगभग 19,698 गांवों में बड़ी संख्या आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों की है। इन इलाकों में भौगोलिक कठिनाइयों और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को इलाज के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों की कमी और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के अभाव से ग्रामीण जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
सांसद ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने को कई चिकित्सक अनिवार्य जिम्मेदारी के रूप में देखते हैं। जरूरत इस बात की है कि ग्रामीण चिकित्सा सेवा को सम्मानजनक, आकर्षक और बेहतर करियर अवसरों से जुड़ा बनाया जाए। इसके लिए भारत चिकित्सा सेवा आयोग जैसे स्वतंत्र संस्थान की आवश्यकता है, जो डॉक्टरों की भर्ती, प्रशिक्षण, पदस्थापना और सेवा प्रबंधन का कार्य कर सके। उन्होंने कहा कि यदि राष्ट्रीय स्तर पर एक अलग चिकित्सा सेवा कैडर तैयार किया जाता है तो छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा जैसे राज्यों के दूरस्थ क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है। इससे ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और लोगों को अपने क्षेत्र में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा।
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित आयोग केवल डॉक्टरों की नियुक्ति तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि ग्रामीण सेवा को सम्मान, प्रोत्साहन और बेहतर अवसर देने का माध्यम बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब चिकित्सकों को बेहतर सुविधाएं और सम्मान मिलेगा तो वे गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा करने के लिए अधिक प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि आदिवासी, वनांचल और दूरस्थ क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस दिशा में जल्द सकारात्मक कदम उठाए जाएं।
सांसद ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब देश के अंतिम व्यक्ति तक समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना केवल विकास का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह सामाजिक न्याय और संवेदनशील शासन की पहचान भी है। बृजमोहन अग्रवाल की इस मांग के बाद ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की उपलब्धता को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज होने की संभावना है। अब देखना होगा कि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर किस प्रकार आगे बढ़ती है और ग्रामीण चिकित्सा सेवाओं को मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
Tagsबृजमोहन अग्रवालरायपुर सांसदलोकसभाभारत चिकित्सा सेवा आयोगIndian Medical Service Commissionग्रामीण स्वास्थ्य सेवाडॉक्टरों की कमीछत्तीसगढ़ स्वास्थ्य व्यवस्थाआदिवासी क्षेत्रवनांचल क्षेत्रस्वास्थ्य सुविधाएंग्रामीण भारतप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीस्वस्थ भारत अभियानस्वास्थ्य मंत्रालयविशेषज्ञ डॉक्टरसामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रप्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रमेडिकल सेवा कैडरडॉक्टर भर्तीडॉक्टर प्रशिक्षणस्वास्थ्य सुधारछत्तीसगढ़ न्यूजरायपुर समाचारलोकसभा मुद्दानियम 377ग्रामीण मरीजचिकित्सा सुविधास्वास्थ्य अधिकारसामाजिक न्यायदूरस्थ क्षेत्र स्वास्थ्यसरकारी पहलस्वास्थ्य नीतिग्रामीण विकासभाजपा सांसदस्वास्थ्य संकटडॉक्टर पद खालीस्वास्थ्य सेवाएंछत्तीसगढ़ गांवविकसित भारतBrijmohan AgrawalRaipur MPLok Sabharural healthcareshortage of doctorsChhattisgarh healthcare systemtribal areasforest regionshealthcare facilitiesrural IndiaPrime Minister Narendra ModiSwasth Bharat AbhiyanMinistry of Healthspecialist doctorsCommunity Health CentrePrimary Health Centremedical service cadredoctor recruitmentdoctor traininghealthcare reformsChhattisgarh newsRaipur newsLok Sabha issueRule 377rural patientsmedical facilitiesright to healthsocial justicehealthcare in remote areasgovernment initiativehealth policyrural developmentBJP MPhealth crisisvacant doctor postshealth servicesChhattisgarh villagesdeveloped India.
Next Story





